गुरुवार, 29 अप्रैल 2010

इस लिंक पर क्लिक करिए --
http://www.youtube.com/watch?v=gFXB4lkkhas


ये विद्रोही जी की एक कविता है जो उन्होंने जे एन यू के एड ब्लोंक पर सुनाई थी. ख़राब विडिओ के लिए खेद है लेकिन आवाज़ साफ़ सुनाई देगी आपको. ये कविता उन लोगो को ज़रूर सुनने चाहिए जो विद्रोही जी को महिला विरोधी साबित करना चाहते हैं या समझते हैं.

1 टिप्पणी:

Parul ने कहा…

nilambuj ji..mohalla live par aapka article dekha..mujhe bhi khed hai ki vidrohi ji ke saath is tarah ka vyavhaar kiya ja raha hai..aur aapke sarahniy prayas ke liye meri shubhkamnayen hai ki aap safal ho!